तीन वर्ष में राज्यपाल का मार्गदर्शन प्रदेश के विकास और लोक कल्याण के लिए प्राप्त हुआ: सीएम योगी

  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने 18वीं विधानसभा  के पहले सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण से पूर्व कहा कि सरकार प्रदेश के विकास, गरीबों, किसानों, नौजवानों और आधी आबादी के हितों के लिए किसी भी प्रकार की चर्चा और परिचर्चा के लिए सदैव तैयार है। स्वभाविक रूप से सभी सदस्यों को सदन में अपनी बात रखने का मौका मिलेगा, लेकिन सदस्य अपनी बात को तभी रख पाएंगे, जब उस प्रकार का माहौल सदन के अंदर विपक्ष बनाने में अपना योगदान देगा।

यह बातें उन्होंने विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने और हर सदस्य की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दे को एक सार्थक और सारर्गभित चर्चा के साथ उत्तर देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि स्वभाविक रूप से सबसे बड़ी विधानसभा होने के नाते उत्तर प्रदेश विधानसभा में जो भी कार्य होंगे, उसकी चर्चा देश के अन्य राज्यों में भी होगी, जो आचरण यहां पर सदस्यों का होगा, उसकी न केवल 25 करोड़ लोगों के बीच में, बल्कि अन्य जगहों पर भी चर्चा होगी। इसलिए कोई भी ऐसा आचरण न हो, जो सदस्यों और गरिमा के विरुद्ध हो।

उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कहता हूं कि पिछले तीन वर्ष में राज्यपाल का मार्गदर्शन प्रदेश के विकास और लोक कल्याण के लिए प्राप्त हुआ है। सभी सदस्य आज उनके अभिभाषण और मार्गदर्शन प्राप्त करके न केवल पिछली उपलब्धियों को, बल्कि भावी कार्य योजना को भी सदन में चर्चा परिचर्चा का विषय बनाएंगे। गंभीर और प्रभावी बहस के माध्यम से देश की सबसे बड़ी विधानसभा के गौरव और गरिमा में वृद्धि करने में अपना योगदान देंगे।

सीएम योगी ने सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोक कल्याण, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, गरीब कल्याण और उत्तर प्रदेश के समग्र विकास के लिए हमने जो कार्य किए हैं, उन सब पर चर्चा और भावी योजनाओं पर भी चर्चा का सदन मंच होता है और राज्यपाल का अभिभाषण उसी प्रति ध्वनि को प्रदर्शित करने का भी एक माध्यम होता है, जिसमें खुली चर्चा होती है। सदस्य शोरगुल छोड़कर चर्चा में भाग लेंगे, तो बहुत सारी चीजें सामने आएंगी और उसका लाभ प्रदेश वासियों को मिलेगा।