41 विधानसभा सीटों पर राजनीतिक तपिश लगी बढऩे, पढ़ें पूरी खबर…

 सीएम योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद गोरखपुर-बस्ती मंडल के सातों जिलों की अन्य 41 विधानसभा सीटों पर राजनीतिक तपिश बढऩे लगी है।

मौजूदा भाजपा विधायक इस निर्णय को जहां सभी सीटों पर भाजपा की जीत के रूप में देख रहे है वहीं पदाधिकारी वोटों की बढ़ी संख्या के रूप में। उनका मानना है कि इस क्षेत्र के लोग योगी के प्रति ‘मुख्यमंत्री हमारे है और हमारे क्षेत्र से लड़ रहे है ‘ का भाव रखता है। इसलिए लोगों के लिए पार्टी प्रमुख हो गई है, प्रत्याशी भले कोई हो।

गोरखपुर बस्ती मंडल की 41 में 37 सीटें भाजपा गठबंधन के पास है। शेष चार पर सपा, बसपा, कांग्रेस व निर्दलीय है। कुछ सीटों पर जनता की नाराजगी के कारण टिकट कटने की चर्चाएं है तो सुभासपा से गठबंधन टूटने और एक विधायक के पार्टी बदलने को भाजपा के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा था। योगी के अयोध्या जाने की अटकलों ने क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी भी कम कर दी थी। इस बीच गोरखपुर सदर सीट से सीएम योगी को प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद भाजपा संगठन में उल्लास है।

गोरखपुर की आठ सीटों पर कब्जा करने वाली भाजपा इस बार सभी नौ सीटों को अपना मानकर चल रही है। जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह कहते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर सदर के विधायक होंगे, यही सोचकर जिले में उल्लास है। हम सभी नौ सीटें जीतेंगे।