यूपी के बीजेपी सांसद सीएम योगी संग करेंगे चुनावी मंथन, पढ़ें पूरी खबर

यूपी चुनाव को लेकर दिल्ली से लेकर लखनऊ तक मैराथन बैठकों का दौर शुरू हो गया है. कोरोना की दूसरी लहर के बाद पार्टी के नेता एक्शन में हैं। बूथ स्तर तक संगठन के पेंच कसने का फ़ैसला हुआ है। लखनऊ में ताबड़तोड़ बैठकों के बाद अब बारी है दिल्ली की। यहां कॉन्स्टिटूशन क्लब में बीजेपी के सांसदों की मीटिंग बुलाई गई है।

ये बैठक दो दिनों तक चलेगी. 28 और 29 जुलाई को होने वाली मीटिंग में यूपी चुनाव पर चर्चा होगी. पहले दिन ब्रज, पश्चिमी यूपी और कानपुर क्षेत्र के सांसदों को बुलाया गया है। इस मीटिंग में लोकसभा और राज्यसभा, दोनों ही सदनों के एमपी शामिल होंगे। जबकि अगले दिन यानी गुरुवार को काशी, अवध और गोरखपुर क्षेत्र के सांसदों की बैठक तय की गई है। चुनाव पर चर्चा के साथ साथ बीजेपी नेता डिनर में भी शामिल होंगे।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ख़ास तौर से इस मीटिंग में बुलाए गए हैं। वे बुधवार की शाम को दिल्ली पहुंच जायेंगे। बीजेपी के यूपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, संगठन मंत्री सुनील बंसल भी मौजूद रहेंगे। पार्टी के उपाध्यक्ष और यूपी प्रभारी राधामोहन सिंह भी बैठक में शामिल होंगे. ये पहला मौक़ा है जब सांसदों के साथ विधानसभा की तैयारियों पर चर्चा होगी. संसद का मानसून सत्र चल रहा है।

सांसदों की सुविधा के लिए दिल्ली में ही बैठक बुला ली गई है। एक एक कर सभी एमपी अपनी राय रखेंगे. चुनाव में क्या करना चाहिए ? सब अपने अपने इलाक़ों की रिपोर्ट कार्ड रखेंगे। ये भी बताया जाएगा कि आख़िर पब्लिक का मूड क्या है ? यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अपने सरकार के काम काज का ब्यौरा रखेंगे। पीएम नरेन्द्र मोदी ने हाल के वाराणसी दौरे में योगी सरकार की मन भर कर तारीफ़ की थी।

चौदह सालों के बनवास के बाद 2017 में यूपी की सत्ता में बीजेपी की वापसी हुई थी। तब अखिलेश सरकार के ख़िलाफ़ लोगों ने बीजेपी की झोली भर दी थी। श्मशान और क़ब्रिस्तान जैसे मुद्दों पर लड़े गए चुनाव में बीजेपी तीन सौ पार कर गई थी। इस बार मामला सत्ता में बने रहने का है. विपक्ष कोरोना की दूसरी लहर में लोगों की परेशानी को मुद्दा बनाने में जुटी है। लेकिन बीजेपी ऐसा माहौल बनाने की कोशिश में है कि बड़ी आबादी के बावजूद कोरोना पर कंट्रोल करने में राज्य सरकार कामयाब रही. खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर का दौरा किया. धर्मांतरण और जनसंख्या नियंत्रण क़ानून को लेकर राजनैतिक माहौल गरम होने लगा है. जबकि विपक्ष किसान आंदोलन और बेरोज़गारी के बहाने योगी सरकार को घेरने की तैयारी में है.