CM योगी ने किसानों के हित में लिया बड़ा फैसला, अब किसी भी क्रय केंद्र पर बेंच सकेंगे गेहूं, जानें कैसे

रिपोर्ट- पल्लवी त्रिपाठी

उत्तर प्रदेश : देश भर में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। उत्तर प्रदेश में भी कोरोना से हाल बेहाल है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के हित में बड़ा फैसला किया है। सीएम के निर्देश पर किसानों की सहूलियत के लिए गेहूं क्रय की पूर्व में तय व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया गया है। जिसके तहत किसान अब किसी भी सरकारी क्रय केंद्र पर अपना गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे। 

नए फैसले से किसान अपनी सुविधानुसार क्रय केंद्र पर जा सकेंगे और आसानी से अपनी उपज बेच लेंगे। सरकार के निर्देश पर गेहूं क्रय के 72 घण्टे में भुगतान सीधे किसान के खाते में किया जा रहा है।

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपर आयुक्त खाद्य व रसद विभाग ने किसी भी क्रय केंद्र पर किसान के गेहूं बेचने के संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। आदेश में बताया गया है कि मंडी स्थल के बाहर स्थापित क्रय केंद्रों से राजस्व ग्रामों के संबद्धिकरण की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है. हालांकि, पूर्व में राजस्व ग्रामों के संबद्धिकरण की अनिवार्यता वाले आदेश में भी इस बात का ख्याल रखा गया था कि किसानों को अपना गेहूं बेचने के लिए अधिक दूरी न तय करनी पड़े।

अपर आयुक्त खाद्य व रसद विभाग के आदेश के मुताबिक, किसी गांव के किसान अपने गांव के समीप दूसरे जनपद के क्रय केंद्र पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेच सकेंगे। इसके लिए जिला खरीद अधिकारी दूसरे जिले के खरीद अधिकारी से विचार-विमर्श कर किसान को अनुमति प्रदान करेंगे। आदेश में यह भी स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी क्रय केंद्र बंद नहीं किया जाएगा।

गेहूं बेचने के लिए यदि किसी किसान का अब तक पंजीकरण नहीं हो सका है, तो उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। किसान अभी भी किसी जनसेवा केंद्र पर  जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा किसान अपने खेत और बैंक खाते से सम्बंधित दस्तावेज क्रय केंद्र पर ले जाकर भी पंजीकरण करा सकते हैं।